नई दिल्ली : हाल ही में चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में चौथी बार मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा लिया. चीन के इस बर्ताव के बाद पूरे देश में चीनी सामानो का बहिष्कार करने की माँग उठने लगी. लोगों ने मोदी सरकार से चीनी सामानो को भारत में बैन करने की माँग भी की. सोशल मीडिया पर भी बोयकोट चाइना की मुहिम चल पड़ी. इस तरह चीनी सामानों के बहिष्कार पर चीन की मीडिया ने भारत पर तंज कसा है.

चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री अभी भी अविकसित है और इसमें प्रतिद्वंद्विता की क्षमता नहीं है. यही कारण है कि भारत में बॉयकॉट चाइनीज प्रॉडक्ट्स मुहिम अब तक असफल रहा है. सोमवार को प्रकाशित एक ब्लॉग में कहा गया है, कुछ भारतीय विश्लेषक मेड इन चाइना प्रॉडक्ट्स के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं. खासकर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास को यूएन में चीन द्वारा रोके जाने के बाद #BoycottChineseProducts ट्विटर पर काफी लोकप्रिय हो गया है. लेकिन इतने सालों से बॉयकॉट का प्रयास असफल क्यों रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत खुद प्रॉडक्ट्स का उत्पादन नहीं कर सकता है. इसमें आगे कहा गया है, पसंद करें या नहीं, उन्हें अभी भी चीन में बने सामानों का इस्तेमाल करना पड़ेगा क्योंकि भारत की अभी भी बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की क्षमता कम है. 

वहीं आतंकवादी मसूद अजहर को लेकर चीन के प्रति गुस्सा प्रकट करने के लिए देश के व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आवाहन पर आज दिल्ली सहित देश भर के विभिन्न राज्यों में व्यापारी संगठनो ने 1500 से अधिक स्थानों पर चीनी वस्तुओं की होली जलाई और चीन के बने सामान का बहिष्कार करने का संकल्प लिया. साथ ही सरकार से चीन के आयात पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की. अखबार ने कहा, भारत के भीतर मौजूद ताकतें ही देश में सुधारों की प्रक्रिया को रोक रही हैं.

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