NewsTeam| भारत में रोड पर चलने के लिए आपको सबसे पहले यही सिखाया जाता है कि सड़क पर हमेशा बाईं ओर चलना है, लेकिन सोचिए अगर अचानक कोई आपसे कहे कि बाएं नहीं, दाएं साइड में चलना है, तो? हैरान मत होइए, पुराने नोटों की तरह यह नियम नहीं बदलने वाला है लेकिन अगर आप अमेरिका, चीन या यूरोपियन देशों में जाएं तो रोड पर चलने की अपनी इस आदत को जरूर बदलना पड़ेगा।

आज के वक्त में हर किसी के पास लगभग अपनी पर्सनल कार है। लेकिन आपने क्या एक चीज नोटिस की है भारत में कार की स्टेयरिंग बाईं तरफ होती है लेकिन विदेशों में दाईं तरफ होती है। जैसा कि अक्सर मूवी में दिखाया भी जाता है। इसका जवाब बहुत कम लोग जानते हैं तो आप भी जानिए ऐसा होता क्यों है।

सड़क पर चलने के नियम की शुरुआत

दरअसल, विश्व के सभी देशों में सड़क पर चलने से संबंधित नियम की शुरूआत अलग-अलग समय में हुई थी, लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि पुराने जमाने में विश्व के अधिकांश देशों में सड़क के बायीं ओर ही चलने की परंपरा थी और 18वीं शताब्दी में पहली बार सड़क के दायीं ओर चलने की परंपरा की शुरूआत हुई थी। सड़क पर चलने से संबंधित नियम का पहला वास्तविक पुरातात्विक साक्ष्य रोमन साम्राज्य से प्राप्त होता है।

उन साक्ष्यों के अध्ययन से पता चलता है कि रोमन साम्राज्य के नागरिक सड़कों पर बायीं ओर चला करते थे। इस बात का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि रोमन साम्राज्य के लोग सड़क पर बायीं ओर ही क्यों चला करते थे, लेकिन पूरे मध्यकाल के दौरान सड़क पर बायीं ओर ही चलने की परंपरा थी।

मध्यकाल के दौरान सड़कों पर चलना यात्रियों के लिए हमेशा सुरक्षित नहीं होता था और उन्हें सड़क पर दूसरी ओर से आने वाले डाकू एवं लुटेरों से बचना भी होता था, चूंकि अधिकतर लोग दायें हाथ से काम करने वाले होते थे, इस वजह से सड़क पर बायीं ओर चलते हुए तलवारबाज अपने दाहिने हाथ में तलवार रखते थे और दुश्मनों पर आसानी से हमला कर पाते थे। इसके अलावा सड़क पर बायीं ओर चलते हुए लोग मार्ग में मिलने वाले ईष्ट-मित्रों को दाएं हाथ से आसानी से दुआ सलाम कर पाते थे।

हालांकि 1300 ईस्वी में, पोप बॉनिफेस अष्टम ने आदेश दिया कि दुनिया के विभिन्न देशों से रोम की ओर आने वाले लोगों को अपनी यात्रा के दौरान सड़क पर बायीं ओर चलने के नियम का पालन करना चाहिए। इसके बाद 17वीं शताब्दी के अंत तक लगभग सभी पश्चिमी देशों में सड़क पर बायीं ओर चलने के नियम का ही अनुसरण किया गया।

दुनिया के 163 देशों में रोड पर दाईं ओर चलने का नियम

भारत अकेला ऐसा देश नहीं है जहां सड़कों पर बाईं ओर ही चला जाता है, आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया के 163 देशों में रोड पर दाईं ओर और 76 देशों में बाईं ओर चलने का नियम है। 4 यूरोपियन कंट्रीज (ब्रिटेन, आयरलैंड, माल्टा और साइप्रस) में भी बाईं ओर चलने का नियम है।चीन में दाईं ओर चला जाता है लेकिन इसके आधिपत्य देश हांगकांग औ मकाऊ में बाईं ओर ही चलने का नियम है। अलग-अलग देशों में इन अलग-अलग नियमों के शुरुआत होने की ठीक-ठीक जानकारी तो नहीं है, लेकिन बहुत हद तक इसका जवाब इतिहास में मिलता है।

अमेरिका में इस कारण स्टेयरिंग दाईं तरफ होती है

18वीं शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका में “टीमस्टर्स” की शुरुआत हुई थी। यह एक बड़ा वैगन होता था, जिसे घोड़ों की एक टीम खींचती थी। इन वैगनों पर ड्राइवरों के लिए बैठने हेतु सीट नहीं होते थे। अतः ड्राइवर सबसे बाएं घोड़े पर बैठता था और दाएं हाथ से चाबुक के द्वारा सभी घोड़ों को नियंत्रित करता था, लेकिन इसके कारण अमेरिकी लोगों को सड़क पर बायीं ओर चलने के नियम में बदलाव करना पड़ा और वे सड़क पर दायीं ओर चलने के नियम का अनुसरण करने लगे।

इस बदलाव की प्रमुख वजह यह थी कि सबसे बाएं घोड़े पर बैठकर सड़क पर दायीं ओर चलते हुए पीछे से या आगे से आने आले वैगनों पर नजर रखना आसान था। 1792 में सर्वप्रथम अमेरिका के पेन्सिल्वेनिया प्रान्त में सड़क पर दायीं ओर चलने के नियम को लागू किया गया और 18वीं शताब्दी के अंत तक यह नियम पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में अनुसरण किया जाने लगा।

भारत में सड़क पर बायीं ओर चलने के नियम का अनुसरण करने के कारण

जैसा कि आपको पता है कि भारत 200 वर्षों तक अंग्रेजों के शासन के अधीन था। तो जैसे-जैसे ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार हुआ, सड़क पर बायीं ओर चलने से संबंधित नियम का अनुसरण सभी ब्रिटिश शासित देशों में किया जाने लगा।इस कारण भारत में भी सड़क पर बायीं ओर चलने के नियम का अनुसरण किया जाता है। भारत ब्रिटेन के उपनिवेश का हिस्सा रहा, इसलिए अंग्रेजों द्वारा ही यहां भी बाईं ओर चलने का नियम चलता रहा जो आजादी के बाद भी बदला नहीं गया।

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