रूड़की : तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रहणी भूमिका निभाने वाले संस्थान COER, रूड़की एक जाना पहचाना नाम है. इस संस्थान के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देकर संस्था का नाम उज्जवल कर रहे है. COER के चेयरमैन J C जैन तकनीकी शिक्षा में innovation और आउटपुट based लर्निंग को विशेष महत्तव देते है तथा संस्थान के छात्र एवं अध्यापक समाज की हरेक ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए समय समय पर कुछ न कुछ इनोवेटिव काम करते रहते है.

अभी वर्तमान में COVID 19 की परिस्थिति से निपटने के लिए संस्थान के छात्र एवं अध्यापकों ने एक ड्रोन को विकसित किया था जो की डोर टू डोर सामान की डिलीवरी करने में सक्षम था. इसके साथ ही संस्थान के डीन एकडमिक डॉक्टर बृजमोहन सिंह, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर श्री कमलकात वर्मा एवं हिमांशु गुप्ता ने COVID-19 को सबसे तेज कैच करने वाली XRAY इमेज पर आधारित एक तकनीक विकसित की थी जिसमें डीप लर्निंग मॉडल का इस्तेमाल किया गया था.

इसके बाद डीन एकडमिक डॉक्टर बृजमोहन सिंह, CSE HOD डॉक्टर हिमांशु चौहान व HOD IT डॉक्टर देवेंद्र कुमार के सुझाव पर CSE विभाग के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर हिमांशु गुप्ता जो की XRAY इमेज आधारित तकनीक विकसित करने वाली टीम में भी थे, ने हैंड्स फ़्री ऑटमैटिक सेनीटाईज़र मशीन का प्रोटो टाइप तैयार किया है. जिसका 300 से 350 रुपय की लागत में उत्पादन किया जा सकता है. इस कार्य में डॉक्टर गौरव सैनी का भी विशेष योगदान रहा.

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