नई दिल्ली : इस चुनावी मौसम में लगता है कि विवादित बयानों की बाढ़ आ गई है. राजनीतिक दलों के नेता जनसभाओं में शब्दों की मर्यादा को नजरअंदाज कर किसी भी हद तक जाकर बयानबाजी कर रहे हैं. इस कड़ी में गुजरात सरकार के आदिवासी विकास मंत्री गणपत वसावा का नाम भी शामिल हो गया है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर विवादित बयान दिया है. गणपत वसावा ने राहुल गांधी की तुलना कुत्ते के पिल्ले के साथ की.  

गुजरात के नर्मदा में एक चुनावी सभा में गणपत वसावा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तुलना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री खड़ें होते हैं तो लगता है कि शेर खड़ा हुआ है लेकिन राहुल गांधी जब कुर्सी से उठते हैं तो ऐसा लगता है कि कुत्ते का बच्चा पूंछ हिलाते हुए खड़ा हुआ है जो पाकिस्तान और चीन जाएगा यदि वे उसकी ओर रोटी फेंके.’

वसावा के इस बयान की विरोधियों ने ही नहीं बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी निंदा की. रूपाणी ने कहा कि चुनाव के गर्म माहौल में सभी को संयम बरतना चाहिए. शब्दों का इस्तेमाल दृढ़ता से किया जाना चाहिए लेकिन किसी को भी अरुचिकर निजी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा कि वसावा की टिप्पणी दिखाती है कि भाजपा को गुजरात के लोगों ने खारिज कर दिया है. वहीं मनीष दोशी ने कहा कि वसावा ने उस आदिवासी समुदाय से अन्याय किया है जिससे वह आते हैं. उन्हें समझना चाहिए कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने से उन्हें कोई समर्थन नहीं मिलेगा जब तब वह यह नहीं बताते कि उन्होंने आदिवासियों के लिए क्या किया है.

जनसभाओं में वसावा की जुबान फिसलने का मामला नया नहीं है. अक्सर वे विपक्ष पर इसी तरह आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते रहे हैं. इससे पहले भी गणपत वसावा ने राहुल गांधी को शिवभक्ति साबित करने के लिए आधा किलो जहर पीने की चुनौती दे चुके हैं. 

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