नई दिल्ली : बांग्लादेशी एक्टर फिरदौस अहमद द्वारा पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार किए जाने के बाद विवाद काफी बढ़ गया है. भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत करके आरोप लगाया था कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है. इमिग्रेशन विभाग से वीजा नियमों का उल्लंघन करने के बारे में जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने बांग्लादेशी कलाकार फिरदौस अहमद का बिजनेस वीजा रद्द कर दिया है.

इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने फिरदौस को भारत छोड़ने का नोटिस दे दिया है. इसके अलावा उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. प्रदेश भाजपा नेताओं जयप्रकाश मजूमदार और शिशिर बाजोरिया ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताब से मुलाकात की थी और उनसे आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उचित कार्रवाई का आग्रह किया था. 

दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें दिखाया गया है कि फिरदौस के अलावा बंगाली अभिनेता अंकुश और पायल रायगंज लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैयालाल अग्रवाल के पक्ष में वोट मांगने के लिए रविवार को एक रोड शो में शामिल हुए. भाजपा नेताओें ने आफताब से सोमवार को मुलाकात की और शिकायत की. प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मजूमदार ने कहा, “हमारा मानना है कि यह पूरी तरह से अवैध कदम है जिसे जानबूझकर उठाया गया. यह तृणमूल कांग्रेस की दिवालिया राजनीति का सबूत है.”

उन्होंने सवाल उठाया कि पर्यटन वीजा पर देश की यात्रा पर आया एक बांग्लादेशी नागरिक किसी उम्मीदवार के लिए प्रचार कैसे कर सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता को क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए लाया गया. कहा ये जा रहा है कि फिरदौस ने अग्रवाल के साथ मंच साझा करते हुए मतदाताओं से कहा, “सभी को तृणमूल कांग्रेस के लिए वोट करना चाहिए. सभी को दीदी (तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी) के लिए वोट करना चाहिए.”

पीटीआई भाषा से बातचीत में हालांकि अग्रवाल ने इस बात से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा, “मुझे इस (फिरदौस द्वारा उनके लिए प्रचार करने के) बारे में कोई जानकारी नहीं है. मेरे केवल दो स्टार प्रचारक हैं ममता बनर्जी और सुवेंदू अधिकारी. मैं ममता की दो रैलियों में शामिल हुआ हूं और आज मैं इस्लामपुर में एक रोडशो में शामिल हुआ जिसमें सुवेंदू अधिकारी मौजूद थे.”c

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