नई दिल्ली : राफेल डील पर लिखी गई किताब को जब्त करने और रिलीज पर बैन लगाने के मामले में चुनाव आयोग ने अपने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. चुनाव आयोग ने अपने फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. साथ ही इनको चुनाव ड्यूटी से हटा दिया है. ‘राफेलः द स्कैम दैट रॉक्ड द नेशन’ शीर्षक से लिखी गई यह किताब तमिल भाषा में ह

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एस गणेश, पुलिस अधीक्षक और दो पुलिस कांस्टेबल ने राफेल डील पर लिखी गई किताब ‘राफेलः द स्कैम दैट रॉक्ड द नेशन’ के भारती पुथकलम स्थित पब्लिशिंग हाउस पर रेड की थी. इस दौरान किताब को जब्त कर लिया गया था और इसकी रिलीज पर बैन लगा दिया गया था. इसके बाद सोशल मीडिया और मीडिया में यह मामला सुर्खियों में आ गया था. चुनाव आयोग ने डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर से मामले की जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा था.

इस मामले में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर की रिपोर्ट आने पर चुनाव आयोग ने अपने फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटा दिया. इन चुनाव अधिकारियों ने इस किताब की रिलीज रोकने के पीछे आचार संहिता के उल्लंघन की दलील दी थी. हालांकि जब सोशल मीडिया पर किताब की रिलीज रोकने की खबर आई, तो सवाल-जवाब शुरू हो गए.

इसके बाद अधिकारियों ने किताब की रिलीज पर लगाए गए बैन को हटा दिया और जब्त की गई किताब की प्रतियों को वापस कर दिया. फिर मंगलवार शाम को यह किताब रिलीज हो गई. वहीं, इस मामले में तमिलनाडु के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने बयान जारी कर सफाई दी.

उन्होंने कहा कि इस किताब के रिलीज को रोकने के लिए न तो भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय और न ही मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से कोई निर्देश जारी किए गए. उन्होंने कहा, ‘मैंने चेन्नई के डिस्ट्रिक्ट इलेक्टोरल ऑफिसर को मामले की जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.’

इस बुक को द हिंदू अखबार के चेयरमैन एन राम ने रिलीज किया. इस दौरान पुस्तक के लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता एस विजयन और पब्लिशिंग हाउस के एडिटर पीके रंजन मौजूद रहे. उधर, विवादों में आने के बाद इस किताब की मांग तेजी से बढ़ गई और देखते ही देखते 5 हजार किताबें बिक गईं. इस किताब को पब्लिशिंग हाउस 10 रुपये में बेच रहा है.

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