न्यूज़डेस्क : देश में कोरोना संकट बढ़ता ही जा रहा है. लोकडाउन के 65 दिन बीत जाने के बाद भी कोरोना की रफ़्तार कम होने का नाम नही ले रही है. हालात ऐसे है की भारत दुनिया के सबसे अधिक संक्रमित देशों की सूची में 9वे नंबर पर पहुँच गया है. कल यानी 28 मई को भारत में सबसे अधिक 7466 केस सामने आए. वही 175 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. अगर संख्या की बात करे तो फ़िलहाल भारत में 165799 केस सामने आए है जिनमे से 89987 ऐक्टिव केस है वही 71000 से अधिक लोग ठीक हो चुके है.

चिंता की बात यह है की पीछले 7 दिनो से लगातार 6 हज़ार से अधिक केस सामने आ रहे है वही पीछले 12 दिनो की बात करे तो कुल 70000 हज़ार केस सामने आ चुके है. दिनो दिनो बढ़ते मामलों के बीच केंद्र और राज्य सरकारें बंद पड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंतित दिख रही है यही वजह है की फ़िलहाल लॉकडाउन के बीच भी सरकारें काफ़ी रियायतें दे रही है. उत्तराखंड की सरकार ने कल दुकानदारो को रियायत देते हुए 12 घंटे दुकान खोलने की इजाज़त दे दी. अब उत्तराखंड में सुबह 7 से शाम सात बजे तक दुकाने खुल सकेंगी.

इसी बीच सवाल यह उठ रहा है की कोरोना के बढ़ते मरीज़ों के बीच लॉकडाउन में दी जा रही रियायतें सही या ग़लत. कही लॉकडाउन में मिली छूट देश में कोरोना की स्थिति को और गम्भीर न कर दे. फ़िलहाल कई ऐसे राज्य है जहाँ कोरोना की स्थिति ज़्यादा गम्भीर नही थी लेकिन लॉकडाउन 4 में मिली रियायतें और अप्रवासी मज़दूरो के घर वापसी से ऐसे राज्यों में भी स्थिति गम्भीर होती जा रही है. फ़िलहाल कही से भी ऐसा प्रतीत नही हो रहा की हम जल्द ही इस स्थिति से निकलने में कामयाब हो सकेंगे. यही वजह है की केंद्र सरकार को भी कोई एग्ज़िट प्लान नज़र नही आ रहा.

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