न्यूज़ डेस्क : भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद केबल टीवी और डीटीएच कंपनियों को नए नियमों के तहत प्रत्येक चैनल का पैसा तय कर दिया है। 1 फरवरी से लागू नियम के तहत हर उपभोक्ता को अपना चैनल पैक ख़ुद चुनना होगा। ट्राई का कहना है की इस नियम के लागू होने से उपभोक्ता को केवल उन्ही चैनल के लिए भुगतान करना होगा जो उसने पसंद किए है।

ट्राई का दावा है की इस नियम के बाद टीवी देखना सस्ता हो जाएगा। लेकिन सच्चाई इसके बिलकुल उलट है. बाजार एक्सपर्ट का मानना है कि इससे टीवी देखना और महंगा हो गया है। क्रिसिल के द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार ट्राई का दावा इसलिए सच्चा नहीं है, क्योंकि इसमें पेड चैनलों का जिक्र नहीं है। हर ब्रॉडकास्टर ने अपने चैनलों का अलग से बुके तैयार किया है। इनमें पे और एचडी चैनल भी शामिल हैं।

इन चैनलों को देखने के लिए लोगों को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। स्टार प्लस, सोनी, जी, एंड टीवी, कलर्स आदि चैनल पे कैटेगिरी में आते हैं। अगर आप एसडी के साथ एचडी चैनल देखना चाहते हैं तो फिर उनका पैसा अलग से देना होगा। पुरानी कीमतों से तुलना करने पर 10 चैनल सब्सक्राइब करने वाले उपभोक्ताओं का बिल मौजूदा 230-240 रुपये की तुलना में 25 फीसदी तक बढ़कर 300 रुपये प्रति माह पर पहुंच गया है।

पहले आप एक ही प्लान लेकर दो-तीन टीवी चला सकते थे। लेकिन नये नियमों के लागू होने के बाद अब लोगों को अपने घर या फिर अन्य जगह पर लगे टीवी के लिए अलग-अलग कनेक्शन और पैकेज लेना पड़ रहा है। इससे ऐसे लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ेगा।
 
हालांकि ट्राई ने फिलहाल उन लोगों को बड़ी राहत दी है जिन्होंने 3, 6, 9 12 महीने का पैकेज लिया है। ऐसे लोगों का प्लान समाप्ति तक ऐसे ही चलता रहेगा, जैसा अभी चल रहा है। जब यह प्लान समाप्त हो जाएगा, उसके बाद उनको 1 फरवरी से लागू हुए नए नियमों के तहत पैसा देना होगा। हालांकि ट्राई ने कहा है कि यह पूरी तरह से ग्राहक पर निर्भर करेगा कि वो फिलहाल अपने चल रहे प्लान को आगे बढ़ाना चाहता है या फिर 1 फरवरी से लागू हुए नये नियम के तहत चैनल देखना चाहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here